इस लेख में हम विटामिन ई कैप्सूल खाने के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से बात करेंगे।
विटामिन E सबसे ज्यादा किसमें पाया जाता है और ये भी बताएंगे कि विटामिन ई कैप्सूल कब खाना चाहिए और कैसे खाना चाहिए।
विटामिन E एक fat soluble विटामिन होता है जिसमे काफी ज़्यादा antioxidants होते हैं।
ये 8 different कंपाउंड से मिलकर बनता है जिसमे से alpha tocopherol इंसान की बॉडी के लिए सबसे ज़्यादा beneficial होता है।
विटामिन E कई अलग अलग फ़ूड item में मिलता है और इसको हम Dietary Supplement में भी ले सकते हैं।
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विटामिन ई के कैप्सूल खाने के फायदे

- विटामिन ई एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- विटामिन ई कैप्सूल खाने से इसमें मौजूद antioxidants हमको free radicals से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। इसी वजह से ये हमारे aging process को slow down करता है।
- ये कैंसर हार्ट diseases और age related diseases से भी बचाता है।
- विटामिन इ आपके इम्यून सिस्टम को मज़बूत करता है और इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज भी होती हैं।
- ये आपके लंग्स को अच्छा करता है और pollution से होने वाले नुकसान को भी कम करता है।
- Old age के लिए काफी अच्छा होता है और ब्रेन के cognitive function को भी improve करता है।
- विटामिन ई त्वचा के लिए बहुत उपयोगी होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को ताजगी देते हैं और उसे रोगों से बचाते हैं। इससे त्वचा में नया कोलेजन उत्पन्न होता है जो त्वचा को नरम, चमकदार और स्वस्थ बनाये रखता है। सूखी त्वचा को ठीक करता है।
- ये दाग धब्बे और चोट को भी जल्दी ठीक करता है।
- ऐसा कुछ studies में देखा गया है कि विटामिन E सप्लीमेंट अगर omega 3 के साथ लिया जाये तो ये LDL & TRIGLYCERIDE levels यानि bad cholesterol को कम करता है।
- ये खून पतला करने में भी मदद करता जिस वजह से ये नसों में clotting की problem नहीं होती है।
- विटामिन ई आपके बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। यह बालों को मजबूती प्रदान करता है और उन्हें टूटने और झड़ने से बचाता है।
- विटामिन ई आपकी जीवन शैली के लिए भी फायदेमंद होता है। यह आपको थकान और तनाव से बचाता है जो आपकी दैनिक जीवनशैली में व्यस्तता के कारण होते हैं। इसके अलावा, यह आपके शरीर के विभिन्न अंगों जैसे कि हृदय, किडनी, और लिवर के लिए भी फायदेमंद होता है।
- विटामिन E + omega 3 महिलाओं में होने वाले periods के दर्द को कम करता है।
- ये पुरुषों में sperm count को बढ़ाने में मदद करता है और महिलाओं के ओवम को भी healthy करता है।
विटामिन ई कैप्सूल के नुकसान

- विटामिन ई हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है लेकिन इसकी खुराक के बारे में सही जानकारी होना भी बहुत जरूरी है। विटामिन ई कैप्सूल ज़रूरत से ज़्यादा खाने से निम्न्लिखित नुकसान हो सकते हैं।
- विटामिन ई anticoagulant होता है मतलब ये खून को पतला करता है। अगर विटामिन इ को ज़रूरत से ज़्यादा लिया गया तो इससे ब्रेन स्ट्रोक का और प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
- विटामिन इ का कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाई के साथ drug interaction देखा गया है, ये इन दवाइयों की effectiveness को कम करता है।
- विटामिन इ ज़्यादा लेने से chemotherapy या रेडिएशन थेरेपी की इफेक्टिवनेस को भी कम करता है।
- विटामिन ई एक फैट soluble विटामिन होता है, अगर आप ज़्यादा मात्रा में लेते हैं तो ये बॉडी में जमा होने लगता है।
- अधिक खुराक के कारण उल्टी-दस्त: विटामिन ई को अधिक मात्रा में लेने से उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए।
- स्किन रैश: कुछ लोगों को विटामिन ई से संबंधित स्किन रैश होता है। यदि आपको इस तरह की समस्या होती है तो आपको विटामिन ई कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए।
- थकान की समस्या: विटामिन ई को बहुत ज्यादा मात्रा में लेने से आपको थकान महसूस हो सकती है। यह एक सामान्य समस्या है जो बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन ई के सेवन से होती है।
- बालों की समस्या: विटामिन ई को अधिक मात्रा में लेने से बालों की समस्याएं हो सकती हैं। यह बालों के झड़ने, सूखापन और रुखापन जैसी समस्याएं को उत्पन्न कर सकता है। अधिक मात्रा में विटामिन ई कैप्सूल के सेवन से बालों का स्वस्थ विकास रुक सकता है।
शरीर के अन्य विटामिनों को प्रभावित करना: विटामिन ई को अधिक मात्रा में लेने से आपके शरीर के अन्य विटामिन भी प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए आपको अधिक मात्रा में विटामिन ई के सेवन से बचना चाहिए। - दर्द और सूजन: कुछ लोगों को विटामिन ई से संबंधित दर्द और सूजन की समस्या होती है। इसलिए यदि आपको इस तरह की समस्या होती है तो आपको विटामिन ई कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए।
अगर आप विटामिन ई कैप्सूल का सेवन करने का विचार कर रहे हैं तो इसे बहुत सावधानी से करें। इसे ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए। यदि आपको कोई भी संबंधित समस्या होती है तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर विटामिन ई कैप्सूल का सेवन कर सकते हैं।
विटामिन E सबसे ज्यादा किसमें पाया जाता है?

विटामिन E कई सारे फ़ूड items में पाया जाता है। इसमें सबसे ज्यादा विटामिन ई निम्नलिखित में पाया जाता है:
सूरजमुखी का तेल: सूरजमुखी का तेल विटामिन ई का एक बहुत अच्छा स्रोत है। इसमें एक चम्मच सूरजमुखी के तेल में लगभग 20 मिलीग्राम विटामिन ई होता है।
बादाम: बादाम भी विटामिन ई का अच्छा स्रोत हैं। इसमें प्रति 100 ग्राम में लगभग 26 मिलीग्राम विटामिन ई होता है।
व्हीट जर्म ऑयल: व्हीट जर्म ऑयल की एक बड़ी चम्मच में लगभग 20 mg विटामिन E होता है जो आपकी विटामिन E की डेली ज़रूरत को 135% तक पूरी कर देता है।
विटामिन E कई सारे फ़ूड आइटम में पाया जाता है, उनमे से कुछ फ़ूड आइटम जिनमे ये अच्छी मात्रा में पाया जाता है:
- कीवी
- पालक
- ब्रोक्कोली
- मेवे
- अवोकाडो
- हरी पत्तेदार सब्जियाँ
- आम
- टमाटर
विटामिन ई कैप्सूल कब खाना चाहिए ?
विटामिन ई कैप्सूल को खाने से पहले आपको अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
अक्सर, यह कैप्सूल भोजन के साथ लेने के लिए सुझाव दिया जाता है, इसलिए आप इसे खाने से पहले या भोजन के समय ले सकते हैं।
विटामिन ई के सप्लीमेंट्स को दिन में एक बार या उत्तम होने पर डॉक्टर द्वारा निर्धारित खुराक में लिया जाना चाहिए।
ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में विटामिन ई का सेवन हानिकारक हो सकता है, इसलिए डॉक्टर द्वारा निर्देशित मात्रा का पालन करना बहुत जरूरी है।
विटामिन ई शरीर के लिए एक बहुत ज़रूरी पोषक तत्त्व है, जो की बहुत सारे प्रोसेस में मदद करता है।
अगर आपके शरीर में इसकी कमी हो जाये तो इसका असर आपकी त्वचा , बालों , आंखों और लगभग पुरे शरीर पर पड़ता है।
आपकी त्वचा सूखी और बेजान हो जाती है और बाल भी गिरने लगते हैं।
इसके साथ ही आपकी आँखों की रौशनी भी कम हो जाती है और आपको आँखों से जुडी बिमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है।
इसीलिए विटामिन इ की कमी से बचने के लिए आपको अपनी डाइट में इसकी पूरी मात्रा लेनी चाहिए।
इसके लिए आप ऊपर बताये गए फ़ूड आइटम्स को रोज़ाना अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं , या आप विटामिन इ के सप्लीमेंट्स भी ले सकते हैं। लेकिन इन्हे सिर्फ डॉक्टर की सलाह के बाद ही लें।
विटामिन इ की कमी से बचने के लिए आपको अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में थोड़ा सा सुधार करना बहुत ज़रूरी है।
विटामिन ई कैप्सूल खाने का तरीका?
मेल या फीमेल जो 15 साल से ऊपर हैं उनकी डेली ख़ुराक में केवल 15 mg की बॉडी को ज़रूरत होती है। अगर कोई फीमेल प्रेग्नेंट है तो उनको 19 mg की ज़रूरत होती है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन रेकमेंड करता है की जितना हो सके हमें विटामिन इ नेचुरल फॉर्म में ही लेना चाहिए , एक वेल बैलेंस्ड डाइट के फॉर्म में।
लेकिन अगर आपके अंदर विटामिन इ की कमी हो गयी हो तो आप इसके कैप्सूल्स भी ले सकते हैं।
400 mg के कैप्सूल्स 3 महीने से ज़्यादा नहीं लेना चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह से कैप्सूल नहीं खाना चाहिए।
निष्कर्ष
विटामिन ई सेहत के लिए बहुत अहम होता है क्योंकि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपके शरीर को स्वस्थ रखते हैं। ये immune system को को भी अच्छा करता है। यह आपको अनेक बीमारियों से बचाने में मदद करता है जैसे कि कैंसर और हृदय रोग।
विटामिन ई के कैप्सूल खाने के कुछ और भी दिशानिर्देश होते हैं जो आपको अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार अपने चिकित्सक से संपर्क करके जानने चाहिए।

